इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में बिहार के 21 साल के गेंदबाज साकिब हुसैन ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित कर दिया है। सनराइजर्स हैदराबाद के स्क्वाड का हिस्सा साकिब को 13 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में आईपीएल में डेब्यू करने का मौका मिला। साकिब ने इस मौके को जिस तरह से भुनाया वह किसी भी दूसरे गेंदबाज के लिए वर्ल्ड की इस सबसे बड़ी टी20 लीग में ड्रीम डेब्यू के सपने की तरह ही था। साकिब ने इस मैच में अपने 4 ओवर्स में सिर्फ 24 रन देने के साथ चार विकेट हासिल किए। हालांकि साकिब के लिए यहां तक का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था, जिसमें बिहार के गोपालगंज जिले से आते हैं और आर्थिक रूप से काफी कमजोर थे, जिसमें उनके पास जूते खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे।
आर्मी में जाने का था सपना, बन गए तेज गेंदबाज
साकिब हुसैन को आईपीएल 2024 के सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 30 लाख रुपये बेस प्राइस में उन्हें अपना हिस्सा बनाया था, लेकिन उस सीजन उनको डेब्यू करने का मौका नहीं मिला था। केकेआर ने इसके बाद उन्हें पिछले सीजन के खत्म होने के बाद रिलीज कर दिया था। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से साकिब का वीडियो जारी किया गया था, जिसमें उनके संघर्ष की कहानी बयां की गई थी, जो किसी के भी आंखों में आंसू ला सकती है।
बिहार के गोपालगंज जिले से आने वाले साकिब हुसैन का सपना देश की सेवा करना था और वह आर्मी में जाना चाहते थे, जिसके लिए वह घर के पास ही बने आर्मी ग्राउंड पर तैयारी करते थे। इसके बाद साकिब पर क्रिकेट खेलने वाले कुछ लोगों की नजरें पड़ी जिसमें उन्होंने उनके पिता को उसे तेज गेंदबाज बाने की सलाह दी। इसके बाद साकिब ने टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलने की शुरुआत की और इसके जरिए वह कुछ पैसे भी कमाने लगे। यहां से साकिब ने पूरी तरह से क्रिकेट खेलने पर ही अपना ध्यान लगाने का फैसला किया।
जूते खरीदने के लिए मां ने बेच दिए अपने जेवर
अपने संघर्ष की कहानी बयां करते हुए इस वीडियो में साकिब ने बताया उनके पास बड़े लेवल पर मुकाबला खेलने के लिए स्पाइक्स वाले जूते खरीदने के लिए पैसे नहीं थे क्योंकि ये लगभग 10-15 हजार के आते हैं जो हमारे लिए काफी महंगा है। अगर मैं जूते खरीदता तो फिर हम खाते क्या? मैं जूते ना खरीद पाने की वजह से अपनी मां के पास गया और उन्हें बताते हुए रोने लगा जिसमें मैंने उनसे कहा कि जूते चाहिए। हम कैसे खेल पाएंगे। इसके बाद मेरी मां ने मुझे जूते दिलाने के लिए अपने जेवर बेच दिए थे।
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